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ज़िंदगी का ज़िंदगी से वास्ता ज़िंदा रहे.. हम रहे जब तक हमारा हौसला ज़िंदा रहे.. मोनिका साहू

रिपोर्टर दिलीप कुमरावत MobNo 9179977597

मनावर। जिला धार।। दिवंगत प्रतिभा त्रिपाठी को उनकी पूण्य तिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए समाज सेवी मोनिका साहू ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हौसलों से जीती जंग। साहस, संघर्ष और कर्तव्य की अमर गाथाबुलंद इरादों और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल मध्यप्रदेश की वीरांगना पुलिस अधिकारी श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी को विनम्र श्रद्धांजलि देने हेतु आज हम यहां एकत्रित हुए है। आज ही के दिन उनका अचानक दुखद ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। “ज़िंदगी का ज़िंदगी से वास्ता ज़िंदा रहे, हम रहें जब तक हमारा हौसला ज़िंदा रहे।”

मध्यप्रदेश के दमोह जिले के सीतानगर ग्राम में जन्मी प्रतिभा बचपन से ही मेधावी, दृढ़निश्चयी और संवेदनशील व्यक्तित्व की धनी रहीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने का संस्कार अपने माता-पिता से पाया। यही कारण रहा कि जीवन के सबसे कठिन समय में भी उनका आत्मविश्वास कभी डगमगाया नहीं। पुलिस सेवा में आने के पश्चात प्रतिभा त्रिपाठी ने अपनी कार्यशैली, अनुशासनप्रियता और कर्तव्यनिष्ठा से हर स्थान पर अपनी अलग पहचान बनाई। डकैती प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करते हुए उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही कर आमजन में सुरक्षा की भावना उत्पन्न की। निर्भीक कार्यशैली के कारण उन्हें “लेडी सिंघम” के नाम से भी जाना जाने लगा। ग्वालियर में पदस्थ रहते हुए उन्होंने “एक परिवार – एक पौधा” जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियान को बढ़ावा दिया, जिसके माध्यम से हजारों पौधों का रोपण हुआ और लाखों लोग प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित हुए। यह उनकी संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का परिचायक है। उनके द्वारा किये गये अनेको साहसिक कार्य मात्र शक्ति के लिये प्रेरणा दायक है। उनकी ड्यूटी देश के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सुरक्षा के लिये लगाई गई थी। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रशिक्षण कार्य पूर्ण करने के पश्चात VVIP ड्यूटी के पालन हेतु कार्यालय जाते समय मार्ग में अचानक से उनका निधन हो गया। इस प्रकार अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहते हुए उन्होंने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया और वे वीरगति को प्राप्त हुईं। श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी का जीवन साहस, सेवा, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने यह सिद्ध किया कि परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में विश्वास और हौसला हो तो हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। उनका जीवन संघर्ष केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि हर उस महिला के आत्मबल का प्रतीक है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और सपनों को नहीं छोड़ती। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी पंडित जी को उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर हम सबकी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। इसके पश्चात श्री मति प्रतिभा त्रिपाठी की पुण्य तिथि के अवसर पर बच्चो को पौधा रोपण कैसे करे बताया की प्लांट्स बैग लेकर उसमे काली मिट्टी डालकर सीड्स बाल डालकर रखो उसमें डेली पानी डालेंगे फिर धीरे से इसमें पौधा विकसित होगा फिर इसको हम जगह-जगह इन पौधों को लगाकर देश को हरा भरा बनाएंगे। साथ ही कहा कि आज के दिन शहीद प्रतिभा त्रिपाठी जी ने एक मिशन कायम किया था एक पौधा जैसे पर्यावरण संरक्षण अभियान को बढ़ावा दिया जिसके माध्यम से हजारों पौधा का रोपण हुआ और आज लाखों लोग प्रगति संरक्षण के लिए प्रेरित हुए हैं यह उनकी संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का परिचय है उनकी प्रेरणा को देखते हुए आज हमने छोटा सा पौधा विकसित होने का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम मे ब्लॉक समन्वयक मोनिका नामदेव, अध्यक्ष मोनाली वाटने, अंकिता जैन, शालिनी पाल, प्रज्ञा कुलमी उपस्थित रही।

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